Cooking Oil Price Today: रसोई का बजट हर घर की सबसे बड़ी चिंता होता है, और जब बात खाने के तेल की हो तो हर छोटी-बड़ी कीमत का असर सीधे जेब पर पड़ता है। हाल के दिनों में रिफाइंड और सरसों तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। अगर आप भी आज के ताज़ा रेट जानना चाहते हैं और समझना चाहते हैं कि आपके शहर में तेल कितने का मिल रहा है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है।

कीमतों में आई नरमी
इस समय बाजार में रिफाइंड तेल और सरसों तेल दोनों की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ हफ्तों में थोक मंडियों में दाम कम हुए हैं, जिसका असर खुदरा बाजार पर भी दिख रहा है। कई शहरों में रिफाइंड तेल की कीमत 5 से 10 रुपये प्रति लीटर तक कम हुई है। सरसों तेल में भी 3 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की कमी देखी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।
आपके शहर का ताज़ा रेट
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में आज रिफाइंड तेल की कीमत लगभग 110 से 140 रुपये प्रति लीटर के बीच चल रही है, जबकि ब्रांड और पैकिंग के अनुसार यह थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकती है। सरसों तेल की कीमत अधिकतर शहरों में 130 से 160 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। स्थानीय किराना दुकानों और सुपरमार्केट में ऑफर के कारण दाम अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए खरीदने से पहले आसपास के रेट जरूर जांच लें।
क्यों सस्ता हुआ तेल
खाने के तेल की कीमतें कई कारणों से घटती-बढ़ती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता, आयात में बढ़ोतरी और घरेलू उत्पादन में सुधार इसके प्रमुख कारण हैं। हाल ही में आयात शुल्क में बदलाव और बेहतर सप्लाई चेन के चलते बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ी है। जब सप्लाई ज्यादा होती है और मांग सामान्य रहती है, तो कीमतों में नरमी आना स्वाभाविक है।
ब्रांडेड बनाम खुला तेल
आजकल उपभोक्ता ब्रांडेड और खुले तेल के बीच तुलना करते हैं। ब्रांडेड रिफाइंड तेल की कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और पैकेजिंग पर भरोसा अधिक होता है। दूसरी ओर, खुला सरसों तेल कई बार सस्ता मिल जाता है, लेकिन उसकी शुद्धता को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि विश्वसनीय दुकान से ही तेल खरीदें और पैक पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
घरेलू बजट पर असर
तेल की कीमतों में थोड़ी सी गिरावट भी महीने के राशन बजट पर बड़ा फर्क डालती है। एक औसत परिवार हर महीने 3 से 5 लीटर तक खाना पकाने का तेल इस्तेमाल करता है। ऐसे में अगर प्रति लीटर 5 से 10 रुपये की बचत होती है, तो महीने में 20 से 50 रुपये तक की राहत मिल सकती है। सालभर में यही बचत एक बड़ी रकम बन जाती है, जिससे अन्य जरूरी खर्च पूरे किए जा सकते हैं।
आगे क्या रहेंगे दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर रहती हैं और आयात सुचारू रहता है, तो आने वाले कुछ हफ्तों तक तेल के दाम स्थिर या हल्के कम रह सकते हैं। हालांकि त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने से कीमतों में थोड़ी तेजी भी आ सकती है। इसलिए अगर आपको सही रेट मिल रहा है, तो जरूरत के अनुसार स्टॉक करना समझदारी हो सकती है।
खरीदारी से पहले ध्यान दें
तेल खरीदते समय केवल कीमत पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। पैकेट की सील, निर्माण तिथि, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और ब्रांड की विश्वसनीयता जरूर जांचें। ऑफर और डिस्काउंट के नाम पर कई बार पुराने स्टॉक बेचे जाते हैं। थोक में खरीदने से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि आप उतनी मात्रा समय पर इस्तेमाल कर पाएंगे, ताकि तेल खराब न हो।
अंतिम फैसला
कुल मिलाकर, रिफाइंड और सरसों तेल की मौजूदा कीमतें उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर लेकर आई हैं। हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन फिलहाल दाम संतुलित नजर आ रहे हैं। समझदारी इसी में है कि आप अपने शहर के ताज़ा रेट पर नजर रखें, गुणवत्ता से समझौता न करें और बजट के अनुसार खरीदारी करें। सही जानकारी और सतर्कता से ही आप अपने किचन का खर्च संतुलित रख सकते हैं।