PMEGP Poultry Farming Loan 2026: ग्रामीण भारत में आज खेती के साथ-साथ छोटे व्यवसाय की सोच भी तेजी से बदल रही है। अगर आप कम निवेश में स्थायी आय का जरिया ढूंढ रहे हैं, तो मुर्गी पालन एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है। अच्छी बात यह है कि अब सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। पीएमईजीपी योजना के तहत 2026 में मुर्गी पालन के लिए ₹10 लाख तक का सरकारी लोन मिल सकता है, जिससे आप अपना खुद का पोल्ट्री फार्म शुरू कर सकते हैं।

सपनों को दे नई उड़ान
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सरकार ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती है। मुर्गी पालन व्यवसाय इस योजना में शामिल है, जिससे लाभार्थियों को बैंक लोन के साथ सब्सिडी भी मिलती है। यह योजना खास तौर पर बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और छोटे किसानों के लिए फायदेमंद है। सही योजना और मेहनत से यह छोटा व्यवसाय बड़ी कमाई का जरिया बन सकता है।
कितना मिलेगा लोन
पीएमईजीपी के तहत पोल्ट्री फार्मिंग के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन स्वीकृत हो सकता है। सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी 15 से 25 प्रतिशत तक मिलती है, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, महिला और विशेष श्रेणी के आवेदकों को 25 से 35 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी मिल सकती है। बाकी राशि बैंक लोन के रूप में दी जाती है, जिसे आसान किस्तों में चुकाया जा सकता है।
कौन कर सकता आवेदन
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। आठवीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, खासकर यदि परियोजना लागत ₹10 लाख से अधिक है। स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां और पंजीकृत संस्थाएं भी आवेदन कर सकती हैं। आवेदक के पास स्पष्ट बिजनेस प्लान होना जरूरी है, जिसमें मुर्गी पालन की लागत, संभावित आय और बाजार की जानकारी शामिल हो।
आवेदन प्रक्रिया आसान
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पीएमईजीपी पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन में आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण, परियोजना रिपोर्ट और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन के बाद जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति द्वारा परियोजना की जांच की जाती है और फिर बैंक को लोन स्वीकृति के लिए भेजा जाता है।
कितना होगा खर्च
मुर्गी पालन फार्म शुरू करने में जमीन, शेड निर्माण, चूजे खरीद, चारा, दवाइयां और उपकरणों पर खर्च आता है। एक छोटे स्तर का फार्म 500 से 1000 मुर्गियों के साथ शुरू किया जा सकता है। अनुमानित परियोजना लागत ₹5 लाख से ₹10 लाख तक हो सकती है। सही प्रबंधन के साथ यह व्यवसाय कुछ ही महीनों में नियमित आय देना शुरू कर देता है।
कमाई की क्या संभावना
पोल्ट्री फार्मिंग में अंडे और मांस दोनों से कमाई होती है। यदि आप 1000 लेयर मुर्गियों से शुरुआत करते हैं, तो रोजाना सैकड़ों अंडों का उत्पादन संभव है। बाजार में अंडों और चिकन की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे बिक्री में स्थिरता मिलती है। सही देखभाल और टीकाकरण से उत्पादन बढ़ता है और लाभ भी अधिक होता है। यह व्यवसाय सालभर चलने वाला है।
ट्रेनिंग और मार्गदर्शन
सरकार और कृषि विभाग समय-समय पर पोल्ट्री फार्मिंग से जुड़ी ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराते हैं। प्रशिक्षण लेने से आपको रोग नियंत्रण, पोषण प्रबंधन और मार्केटिंग की जानकारी मिलती है। इससे व्यवसाय में जोखिम कम होता है और सफलता की संभावना बढ़ती है। कई राज्यों में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के माध्यम से भी मार्गदर्शन दिया जाता है।
जोखिम और सावधानियां
हर व्यवसाय की तरह मुर्गी पालन में भी कुछ जोखिम होते हैं। बीमारियां, चारे की बढ़ती कीमत और बाजार उतार-चढ़ाव से लाभ प्रभावित हो सकता है। इसलिए बीमा योजना, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। अनुभवी पशु चिकित्सक की सलाह लेना और बाजार की मांग को समझना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
अंतिम फैसला
अगर आप 2026 में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं, तो पीएमईजीपी पोल्ट्री फार्मिंग लोन आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकता है। सरकारी सब्सिडी, बैंक लोन और बढ़ती बाजार मांग इस व्यवसाय को मजबूत बनाती है। सही योजना, प्रशिक्षण और मेहनत के साथ आप मुर्गी पालन से स्थायी आय बना सकते हैं। अब समय है कदम बढ़ाने का और आत्मनिर्भर बनने का।